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हर नजर में मुमकिन नहीं है, बेगुनाह रहना

वादा, ये करें की खुद की नजर में बेदाग रहें…”

तुम नफरतों के धरने, कयामत तक जारी रखो,

मैं….मोहब्बत से इस्तीफा, मरते दम तक नहीं दूंगा.

” फट जाएँगी दिमाग़ की नसें ……. ये किसी दिन मेरी

शोर बहुत करती हैं …… ये यादें तुम्हारी ” !!

अपने पास ही रखो अब ये मरहम-ऐ-मोहब्बत

तुम्हारी नफरत से वो जख्म अब नासूर बन गया

ये दर्द तो कुछ भी नहीं है …..मेरी जान… ,ज़िन्दगी के लिये …

मै तो जहर भी पी जाऊगा …… आपकी खुशी के लिये ….

जीते जी मेरी बुराई लोग हर कदम पे करतें है

मर गया तो लोग मेरे नक्शे – कदम पे चलते है

लिखने के शौक से लोगों ने हम पे हजार सवाल उठाए हैं,
देख…लाख पूछने पे भी हम तेरा नाम अब तक छुपाए हैं..

 

मैं अपने ही गुमान में रहता हूँ
लोग कहते है मैं किसी दूसरे जहान में रहता हूँ

मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नही
ऐ दोस्त मैं अपने बनाये आसमान में रहता हूँ |

मेरे घर से मयखाना इतना करीब न था,
“ऐ दोस्त “

कुछ लोग दूर हुए तो मयखाना करीब आ गया..

एक तुझ से ही ना जीत सके हम तुझको,,,

और सारा शहर हमें जुआरियों का सिकंदर कहता है..!!


दुनिया में सब से ज्यादा वजनदार ….
खाली जेब होती है साहेब….
चलना मुश्किल हो जाता है….!!

उसे झूठ बहुत बोलने की आदत थी,और मुझे यकीन बेहद करने की ,

एक दिन मेरे किनारों में सिमट जाएगी,ठहरे पानी सी खामोश मुहोंब्बत उसकी,

साहेंब एक मैं हूँ कि तेरे बाद भी तेरा ही रहा,

और एक तुम हो कि कल से नया इश्क करोगे……

घाव गहरा था मैने जख्म नही कुरेदा,

लफ्जो के मरहम से ढक दिया नासूर को अपने,

अभी पत्थर हूँ तो ठोकर हूँ मैं कल तरांशा जाउँगा तो देवता हो जाउँगा,

अभी चेहरा हूँ तो कमियां निकालते हो क्या करोगे ग़र कल आईना हो जाउँगा.. ??

साहेंब मेरी वफ़ा पे,अब भी यकीं नहीं उसको,

दौरे उम्र में अब भी आजमा रही है ????

ना पढ़ सका कोई मेरे दिल कि हकीकत,

हर पन्ना भरा है,अफ़सोस कि लिखा कुछ भी नही………

तेरे दर पे तो आते है मगर खामोश रहते है,

सुना है आप खामोशी की भाषा भी समझते हो ??

सात फेरे लिए थे तुम्हारे आँचल से बंध कभी
….आज उसी अग्नि पे तुमको लिटाकर फेरे ले आया हूँ
….जिस कंधे को खुद का तकिया बताती थी तुम
….उन्हीं कांधों पे तुमको बहुत दूर छोड़ आया हूँ
….बेजान जिस्म सा देर तक अब मैं पड़ा
… ठहरी हवा में तुम्हारा अक्स ढूंढता हूँ
…..देख मेरी तन्हाई तुम भी उदास होती होगी अक्सर सोचता हूँ
………………………………………..
आईने में चिपकी अब भी तुम्हारे माथे की बिंदिया
दराजों में वैसे ही रखे सारे श्रृंगार ,चूड़ियाँ
सुबह से शाम इर्द गिर्द डोलती थी
आज आँगन में परछाइयों के पीछे दौड़ता हूँ
… कमरे के बियाबान वीराने आंखों के
कटोरे में ले आंसुओं से बारहा घोलता हूँ……
…देख तन्हा मुझे तुम भी उदास होती होगी अक्सर सोचता हूँ..
..हर फासला मेरी खुली बांहों में सिमट जाता था
पल भर में ही रूठा लम्हा मुस्कुराता था
मेरी खामोशियाँ तुम्हारे सीने में चुभती थी
सर्द चुप्पियाँ ले यादों की तपिश में पिघलता हूँ
खुले आसमाँ के नीचे बैठा अकेला
दूर तक चमकते तारों में तुमको ढूँढता हूँ……..
देख मेरी तन्हाई उदास होती होगी तुम भी अक्सर सोचता हूँ
…………………………..
इस भीड़ में निपट अकेला हूँ तुम बिन मगर
बीते लम्हें संग डगर डगर और शहर शहर
आँचल का छोर आ जाए हाथ फिर से
खुद से भागता दर दर डोलता हूं
जमी के चप्पे चप्पे पे पसरा रंगीन मेला
तुम बिन मगर मरघट वीरान देखता हूँ
देख मेरी तन्हाई उदास होती होगी अक्सर सोचता हूँ
……………………………….
सूझे न राह उस स्वप्निल जीवन में वापसी की
गोरे मुखड़े को अंजुरी में भरने की
वो स्नेहिल सुबहें किस कीमत पे लौटे
गुनगुनी खिलखिलाहट में खिली हर शाम की
आखरी साँस जो कातर ली थी तुमने
उस पल कहाँ था सर ठोकता हूँ
देख मेरी तन्हाई उदास होती होगी तुम अक्सर सोचता हूँ
……………………………………….
मैं गर तुमको यू जाता देखता
पकड़ कलाई हर हाल रोकता
तुम्हारी रुखसत महज़ खबर दुनिया की खातिर
थकी साँसों में मैं मुर्दा जिस्म ढोता हूँ
पल भर मेरा ख्याल आया तो होगा इतना पूछने
रात काले आसमाँ में देर तक ढूंढता हूँ
देख मेरी तन्हाई उदास होती होगी अक्सर सोचता हूँ…
…………………………….
तुम्हारे जाने से बेअसर जग वैसा ही चलता है
ये देख मेरा मन खामोश जलता है
शूल से सन्नाटों से हो बैचेन फिरता
वो कौन सी जगह जाकर अब तुम्हे पुकारू
आवाज़ का दायरा जहाँ से रूह तक पहुँचता है
एक बुरे ख्वाब से नींद टूटेगी सोच खुद को नोचता हूँ
देख मेरी तन्हाई उदास होती होगी तुम अक्सर सोचता हूँ

हर घर में जन्म ले तेरे जैसा वीर यही इबादत है मेरी।
कर्ज है तेरे लहू की एक एक बूँद का, याद हमेशा रहेगी शहादत तेरी।।

गर्व होता है मुझे कि मैंने इस देश में जन्म लिया जिस देश के सिपाही हर रोज अपनी जान देकर हमारी जान की हिफाजत करते हैं।
धूप, बारिश, सर्दी हर मौसम में अपनी जान की परवाह न करके हाथ में बन्दूक लिए बॉर्डर पर खड़े रहते हैं में सलूट करता हूँ उन तमाम वीर जवानों को जो हमारी हिफाजत के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे रहे
हैं।

दुःख होता है ये जानकर कि इस देश का सिस्टम बहरा हो चुका है जिसे एक बूढी मां के रोने की चीख सुनाई नहीं देती जिसका बेटा भरी जवानी में शहीद हो जाता है।

दुःख होता है ये जानकर कि इस देश के अंधे सिस्टम को उस बिधवा औरत की आँखों में आंशू नजर नहीं आते जिसका सुहाग इस देश की जंग में खुद को झोंक देता है।

सत्ता के भूखे इन लोगों को अपनी राजनीति करने से फुरसत नहीं मिलती इनको उन मासूम बच्चों का दर्द महसूस नहीं होता जिनके सर से बचपन में ही बाप का साया उठ जाता है।

दुश्मन हमारे देख में घुसकर 10-20 जवानों को मार देता है हमारे देश की अंधी बहरी सरकार जवानों को दुश्मन के घर में घुस कर मारने का आर्डर क्यों नहीं देती।

आये दिन जवानों पर बेरहमी से पत्थर मारे जाते हैं उन गद्दारों को गोली मारने का आर्डर क्यों नहीं दिया जाता है, आखिर कब तक ये अत्याचार सहते रहेंगे? अब इन्साफ चाहिए।
कैंडल मार्च निकालने से और 10-20 लोगों का पुतला फूंकने ने से कुछ नहीं होगा इन्साफ चाहिए तो एक साथ मिलकर पूरे देश को अपने जवानों के हित में आवाज बुलंद करनी होगी और अपने जवानों को फुल पावर बनाना होगा तब इन्साफ मिलेगा।

दुश्मन के घर में घुस कर चुन चुन कर मारना होगा उन सारे गद्दारों को जो छुप कर बार करते हैं एक वार उन्हें हिंदुस्तान की ताकत का अंदाजा करना होगा। बताना पड़ेगा दुश्मन को कि हिंदुस्तान से टकराने का अंजाम क्या होता है।

अगर अभी भी चुप रहे तो उन शहीदोँ की आत्मा को सुकून नहीं मिलेगा उस बूढ़ी माँ की चीख कानों में गूंजती रहेगी, उस बिधवा औरत के आंशू सूखेंगे नहीं, उन मासूम बच्चों का दर्द कम नहीं होगा इन सब को इन्सांफ तब मिलेगा जब हम दुश्मन को उसके घर में घुस कर मारेंगे

इतनी आग है सीने में पाकिस्तान कि तुझे जिंदा जला देंगे।
अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो इस दुनियां से तेरा नाम – ओ – निशां मिटा देंगे।।

अक्सर लोग रिस्क का नाम सुनकर भागने लगते हैं क्यों कि उनके अंदर रिस्क लेने की हिम्मत नहीं होती। वास्तव में गलती उनकी नहीं है, ये कायरता उनके दिमाक में ढूंस ढूंस के भरी गई है उनके स्कूल, कॉलेज, परिवार, सोसाइटी और फ्रेंड्स सर्किल सब ने सिर्फ एक भी बात सिखाई है कि रिस्क मत लेना। हमारे माहौल ने हमें सिर्फ रिस्क से होने वाले नुकसान के बारे में बताया है कि अगर रिस्क लिया तो जिंदगी बर्बाद हो सकती है, ये हो सकता है, वो हो सकता है बगैराबगैरा।

अगर यही सोच कर Thomas Alva Edison ने बजली का बल्ब बनाने का रिस्क नहीं लिया होता तो आज आप अँधेरे में जी रहे होते,

Alexander Graham Bell ने टेलीफोन बनाने का रिस्क नहीं लिया होता तो आज भी आपके Massages हफ़्तों में पहुँच रहे होते,

Charles Babbage ने कंप्यूटर बनाने का रिस्क नहीं लिया होता तो आज भी घंटों का काम सलों में हो रहा होता,

Tim Berners-Lee ने इंटरनेट बनाने का रिस्क नहीं लिया होता तो सोचो आज आप घर बैठे कुछ भी कर लेते हो तो क्या ये सब पॉसिबल हो पता।

सोचो आज हम जिनका नाम ले रहे हैं उनको बच्चा बच्चा जनता है क्यों ? क्यों कि उन्होंने रिस्क लिया और नाम बनते हैं रिस्क से।

में पुरे यकीन के साथ कह सकता हूँ ऐसे करोड़ों लोग हैं जो एक अच्छा सिंगर(Singer) बन सकते हैं, एक्टर(Actor) बन सकते हैं, डांसर(Dancer) बन सकते हैं, क्रिकेटर(Cricketer  बन सकते हैं, रेसलर(wrestler) बन सकते हैं, राइटर(writer) बन सकते हैं, पॉलिटिशियन(Politician) बन सकते हैं और एक अच्छा एन्टेर्प्रेनुएर(Entrepreneur)  बन सकते हैं और भी बहुत कुछ बन सकते हैं लेकिन नहीं बनते क्यों कि रिस्क नहीं लेते और नार्मल(Normal) जिंदगी जीते रहते हैं।

हम सब में कोई न कोई टैलेंट(Talent) है फिर भी हम कुछ नहीं कर पाते क्यों कि हम रिस्क नहीं लेते। हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि रिस्क न लेकर भी कोनसा तीर मार देते हैं सारी जिंदगी रोते रहते हैं सोचो आपने  रिस्क लिया और 99% फ़ैल हो गए तो क्या हुआ कम से कम आपने कोशिस तो की सारी जिंदगी रोएंगे तो नहीं ये बोलकर कि काश मैंने ये किया होता तो में ये होता, वो होता। और अगर आपने रिस्क लिया और 1% सफल हो गए तो सोचो आप कहा होंगे आज हम जिनका नाम ले रहे हैं कल उस लिस्ट में आपका नाम होगा।

तो बहतर यही है कि अपनी लिमिट क्रॉस करो और अपनी सोसाइटी, स्कूल, कॉलेज, फ्रेंड्स और लूज़र्स जो फालतू की एडवाइस देते हैं उनकी न सुनकर अपने दिल की सुनो और अपने ड्रीम्स(Dreams) और गोल(Goal) को पूरा करने का रिस्क लो।

अच्छा हुआ कि तू रुखसत हो गया मुझसे, कुछ पल और तू मेरे साथ रहता तो तुझे मुझसे नफरत हो जाती और में ये बर्दाश्त नहीं कर पाता कि मेरे अलावा भी कोई मुझसे नफरत करे।

अच्छा हुआ कि तू अपने रास्ते चला गया, अगर कुछ दिन और मेरे साथ रहता तो शहीद हो जाता उस जंग में जिसे में लड़ रहा हूँ दिन रात, और में ये चाहता नहीं कि मेरी जंग में कोई बेगुनाह शहीद हो।

अच्छा हुआ कि तूने मुझसे कोई उम्मीद नहीं की, क्यों कि तुझे देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं है शिबाय आँखों में आंशू और दिल में कांटे, और में ये गुनाह नहीं कर सकता कि किसी मासूम को मेरे काँटों की चुभन से आँखों में आंशू आये।

में गुनहगार हूँ तेरा क्यों कि में नहीं बन पाया अच्छा हमसफ़र, नहीं ला पाया चाँद तारे, नहीं चुरा पाया तुम्हारे लिए इंद्रधनुष से रंग, नहीं दे सका तुम्हें तुम्हारे हिस्से की ख़ुशी। में जनता हूँ कि मुझमे में ऐसी कोई बात नहीं जो तुम्हें अच्छी लगती है, बस तुम्हारा देखने का नजरिया अच्छा है जो मुझ जैसे इंसान में भी आपको अच्छाई नज़र आती है।

मेरी किस्मत इतनी अच्छी नहीं है कि तुम्हारे जैसा अनमोल इंसान मेरे हिस्से में आये। बहुत ख़ुशनहीब होगा वो शख्स जो तुम्हारा हमसफ़र होगा। में तो अँधेरे में भटकता हुआ मुसाफिर हूँ जिसे न रास्ता मालूम है न मंजिल मेरा अंजाम में नहीं जनता। में तो बुझते हुए चिराग का धुंआं हूँ जिसका कोई बजूद नहीं होता। खिजा की शाम हूँ में और तुम हो नहीं नई सुबह।

मुझे दफ़न होना है अंधेरों में, तुम्हारी रोशनी होगी हर जगह।।
……अलविदा।

रुखशत || शायद चला गया तू मेरी जिंदगी से या फिर ये सिर्फ मेरा बहम है सच ये है कि तू जा चुका है मुझसे बहुत दूर पर मेरा दिल आज भी इस सच को कबूल नहीं करता।

आज भी तेरी ख़ामोशी महसूस होती है क्या तू इस ख़ामोशी के साथ जी लेगा। क्या तेरी खुशहाल जिंदगी में तुझे मेरी कमी महसूस नहीं होती, तूने तो कहा था कि हम कभी रुखशत नहीं होंगे। तेरे इस फैसले ने मेरी जिंदगी की कस्ती को बर्बादी के दरिया में डुबो दिया।

क्या तुझे याद है वो तेरा घंटो तक मेरी कॉल का इंतजार करना, मेरी आवाज सुनकर सब कुछ छोड़ कर मेरे पास चले आना, अपने हाथों से मेरी आँखों को छुपाना, क्या याद है तुझे ? या मिटा दिए तूने अपने दिल से उन यादों के नाम – ओ – निशां।

जब भी मिलता था कहता था तुम्हारी आँखें बहुत खूबसूरत लगती हैं इन में आंशू अच्छे नहीं लगते। क्या तुझे पता है ऐसा कोई लम्हा नहीं होता जब मेरी आँखों में नमी हो , आखिरी बार ही सही तू आके देख तो सही आंशुओं के साथ भी मेरी आँखें खूबसूरत लगती हैं।
खैर छोड़ अब तुझे कुछ देखने और समझने की जरुरत नहीं है, खुश रह अपनी दुनियां में। जिंदगी के किसी मोड़ पर तू मुझे मिला तो, मेरी आँखों में नमी तो होगी पर उस नमी में तेरा प्यार कहीं जी रहा होगा और अपने हिस्से कि सांसें ले रहा होगा।

अब यकीं होने लगा है कि तू चला गया है मेरी जिंदगी से मेरे बजूद में अपना अक्स छोड़ कर, हाँ तू चला गया है मेरी जिंदगी से…..!!

आपको ये यकीन करना होगा कि आप जो करना चाहते हो वो आप कर सकते हो दुनिया की
कोई भी ताकत आपको रोक नहीं सकती, जब तक आप खुद नहीं रुक जाते, आपको कोई
नहीं हरा सकता जब तक आप खुद हर नहीं मान लेते । हम क्या करते हैं कोई
Motivational वीडियो देख कर या किसी Successful इंसान की स्टोरी से Inspire
होकर शुरुआत तो करते हैं लेकिन ज़रा सी मुश्किलें आ जाने से हार मान जाते हैं, और
Quite कर देते हैं. क्यूंकि हम Problem Face नहीं कर सकते, अपने Comfort Zone
को नहीं छोड़ सकते, Excuse देना शुरू कर देते हैं ।
अगर आप भूखे नहीं रह सकते, रात को जाग नहीं सकते, धूप बर्दाश्त नहीं कर सकते ,बारिश
बर्दाश्त नहीं कर सकते तो Success आपके लिए नहीं है । Success कोई बहती हुई
गंगा नहीं है जिस मैं कोई भी हाथ धो लेगा , Success तो एक आग का दरिया है जिसे पार
करना होता है तब Success मिलती है । ये एक ऐसी जंग है जिसे अपनी जान दे कर भी
जितना होता है, तब Success मिलती है ।
आप किसी भी Successful इंसान को देख लो उन्होंने यूँ ही Success Achieve नहीं की
है, इतना Struggle किया है की आप सोच भी नहीं सकते, न जाने कितने Sacrifices किये
हैं, बहुत कुछ खोया है और सालों की कड़ी मेहनत के बाद वो Successful हुए हैं उन्होंने
कीमत चुकाई है Success की । आप Success को बिना कुछ खोये बिना मेहनत किये
और एक दिन में पाना चाहते हो । Bill Gates एक दिन में Bill Gates नहीं बन गया,
Mark Zuckerberg एक दिन में Mark Zuckerberg नहीं बन गया । बिना रुके बिना
थके सालों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने अपने नाम बनाये हैं । और आपकी सबसे बड़ी
गलती है कि आप २ कदम चलते हो और हार मान लेते हो Exuses की लिस्ट लेकर बैठ
जाते हो और सारी जिंदगी रोते रहते हो इससे पता चलता है कि आप कितने कमजोर हो ।
अगर Success Achieve करनी है और आप चाहते हो की लोग आपसे inspire हों तो
मासूमियत के लिबास से बाहर निकलो, और Excuses की list को आग लगाओ, ऐश-ओ-
आराम को त्याग दो, दिल मै जो हार जाने का डर है उसे ख़तम कर दो क्यूंकि हार नाम की
चीज कुछ होती ही नहीं है । यह सिर्फ हमारा एक वेहम हैं जिसे सिर्फ हमने बनाया है । सब
छोड़ कर जीत की तैयारी में जुट जाओ । लोगों द्वारा बनाये जा रहे आपके मज़ाक को,
बेवजह की नफरत को, हर एक रुकावट को पॉजिटिव एनर्जी मैं कन्वर्ट कर लो । और जैसे
गाडी को दौड़ाने के लिए फ्यूल की ज़रूरत होती है वैसे इस्तेमाल करो । लर्निंग पर फोकस
करो, प्रॉपर प्लान बनाओ सही Time पर एक्शन लो और बिना कोई परवाह किये अपने
प्लान को Execute करो । हर एक मुश्किल का सामना डट कर करो, अपने अंदर की सारी
हिम्मत को समेट कर Challenge करो हर एक प्रॉब्लम को जो आपको आगे बढ़ने से रोकती
है और जब तक दौड़ते रहो जब तक मुकाम पर न पहुंच जाओ ।

प्यार में किसी को खोना भी ज़िंदगी है,
जिंदगी में ग़मों का होना भी जिंदगी है।
यूं तो रहती है होठो पे मुस्कराहट,
पर चुपके से किसी के लिए रोना भी जिंदगी है।।

तुम ने चाहा ही नहीं हालात बदल सकते थे,
तेरे आाँसू मेरी आँखों से निकल सकते थे,
तुम तो ठहरे रहे झील के पानी की तरह,
दरिया बनते तो बहुत दूर निकल सकते थे

तन्हा है जिंदगी गर्दिश में बसेरा है,
ये कैसी रात है जिसका न कोई सबेरा है !
जला दी सारी हसरतें रोशनी की आरजू में,
मगर मेरी जिंदगी में फिर भी अँधेरा है !!!

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