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Sad Shayari

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मेरे नश़ीब में तू है ये ख़ुशी मुझको है !

मेरी ख़ुशी से न जानें क्यूं जलन तुझको है !!

तेरे ग़म को अपनी रूह में उतार लूँ..ज़िंदगी तेरी चाहत में सवार लूँ..

मुलाक़ात हो तुझ से कुछ इस तरह..
तमाम उमर बस इक मुलाक़ात में गुज़ार लूँ….!!

कभी यूँ भी आओ मेरे करीब तुम, मेरा इश्क मुझको ख़ुदा लगे,
मेरी रूह में तुम उतरो ज़रा मुझे अपना भी कुछ पता लगे,

बड़ी हवेली में रहते हैं छोटे दिल वाले !

उन्हें भले लगते हैं अक्सर खोटे दिल वाले !!

साहेंब कुछ वक़्त खामोश हो के देखा लोग सच में भूल जाते हैं

उसने मुझे दिल से निकाला मुझे ये आज याद आया……

वो मेरे शहर में होती तो मुमकिन था इत्तेफाक से मिल जाते कभी,
बिछड़ कर किस शहर बसी है ये खबर भी नही,

रात के अंधेरे में तो हर कोई किसी को याद कर लेता है

सुबह उठते ही जिसकी याद आए मुहब्बत उसे कहते हैं।।

प्यास है या इक आग है, तेरी यादों का दर्द मेरी रूह को नही छोड़ता

मुहब्बत थी, मुहब्बत है, ये दिल तुमसे मुहब्बत करना नही छोड़ता।

गुनाह करने को अंधेरा नहीं होता काफी !

गुनाह करनें को कलेजा भी होना चाहिये !!

समय हर समय को बदल देता है

बस समय को थोड़ा समय चाहिए

मुझको मयस्सर हो तेरे लब की शराब ,
मैं उसको पी के हमेशा ही झूमता रहूँगा !!

कभी तो आ मेरे घर में, एे हुस्न ए मलिका,
मैं कब तलक तेरी तस्वीर चूमता रहूँगा !!

साहेंब वो कहानी मुस्कुराहटों कि,मैं दर्द का किस्सा कोई,

मज़ाक ग़र होती ये जिंदगी कसम से मैं भी हँसता बहुत ……

बेहतर है कि अब कुछ ना लिखुँ,तूम मुझको बिना पढ़े हि रहने दो,

मैं तनहा हूँ मुझें तनहा छोड़ दो गर मैं बुरा हूँ तो मुझसे रिश्ता तोड़ दो,

मेरी आँखे छलक रही है मुझे तो अपने पत्थर होने पे नाज़ था ?

आप जाइए कोई बात नही यूँ हि आ गए आँसू शायद ऑखों मे कोई फॉस चुभी हो ??

साहेंब बस दो ही लफ्ज़ कहने है मुहोंब्बत है इंतज़ार है,

आईना देखकर तसल्ली हुई मुझ को भी यहाँ जानता है कोई……..

हमेशा फूलों की तरह अपनी आदत से बेबस रहिये,

तोडने वाले को भी खुशबू की सजा देते रहिये,

साहेंब बताओ है कि नहीं मेरे ख्वाब झूठे,

कि जब भी देखा तुझे अपने साथ ही देखा ????
“इतनी सी बात है…मुझे तुमसे प्यार है”…..

मुझे तेरा साथ जिंदगी भर नहीं चाहिये

बल्कि जब तक तुम साथ हो तब तक जिंदगी चाहिये,

दिल भर ही गया है तो मना करने मे डर कैसा,

मुहोंब्बत मे बेवफाओ पर कोई मुकदमा थोडे होता है ??

साहेंब साफ कह दो बस मौसमी मुहोंब्बत है,

क्यू ये रोज़ रेत के घरोंदे सा बिखरा के चल देते हो ????

कसमें वादे,ख़ूब जिसने किये वों शख्स अब नहीं दिखता,

एक मुकम्मल सी याद़ बाकी है एक अधुरे इश्क के बाद,

तूने फैसले ही फासले बढ़ाने वाले किये,

वरना कुछ नही था तुझसे करीब मेरे…..

काश कि काश तू भी बेचैन होकर कह दे कभी कि…

मैं भी तन्हा हूँ,तेरे बिन तेरी तरह तेरी कसम तेरे लिए……..

गम मुफ्त में नही मिलते किसी को,

हाँ तेरे जैसा हमसफर होना ज़रूरी है,

मैं हमदर्दी की खैरातों के सिक्के मोड़ देता हूँ,

कि जिस पे बोझ बन जाऊ उसे मैं छोड़ देता हूँ,

मैने तो बस इतना ही पूछा था मैं याद हूँ या नही,

वो मुस्कुरा के बोली यही तो हमे पता नही,

मुहब्बत में गुस्सा और शक वही करता है

जिसमें मुहब्बत कूट कूट कर भरी होती है

मेरी रुसवाई कर के नाख़ुश हैं,उसके चेहरे की सियाही ये है,

मेरे होने से ख़फ़ा हैं कुछ लोग, मेरे होने की गवाही ये है,

साहेंब निभाई गई नहीं उससे मुहोंब्बत,

अधूरा अब हाल पूछने का तमाशा किया करते है……

साहेंब अब छोड़ दी वो मुहोंब्बत

जिस मुहोंब्बत के पीछे उसकी मुहोंब्बत नहीं मतलब था……

साहेंब तुमसे कुछ कह ना पाना

ख़ुद से चुप हो जाने जैसा है…..

वक्त मिले कभी तो कदमों तले भी देख लेना,

बेकसूर अक्सर वहीं पाये जाते हैं,

साहेंब मुझे मेरे बाद महसूस किया जायेगा खुशबू कि तरह,

मैं कोई शोर नही जो सुनाई दूगॉ…….

हम एक-दुसरे को बड़ी अच्छी तरह से पहचानते थे कभी,

तन्हा छोड़ जाने की ख़्वाहिश तुम्हारी ना जाने कैसे ना जान सका कभी,

साहेंब ख़ुदा ना बदल सका आदमी को आज भी,

और अब तक आदमी ने सैकड़ों ख़ुदा बदल डाले…..

कौन कहता है कि ये दुनिया प्यार से चलती है,कौन कहता है ये दुनिया दोस्ती से चलती है,

आज़मा कर तो देख ये दुनिया तो सिर्फ मतलब से चलती है,

हम कभी साथ हो नही सकते

उसके यही आखरी लफ्ज़ दिल चीर देते हैं,

साहेंब ज़ाया ना कर अपने अलफाज किसी के लिए

खामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है ????

कौन कहता है कि सिर्फ नफ़रतो में हि दर्द होता है,

कभी हद से ज्यादा मुहोंब्बत भी बहोत तकलीफ देती है,

साहेंब दर्द के लम्हें कब मुझ पर आसान बने,

जो दर्द ऑसु ना बन सके वो तूफ़ान बने……

तुम्हारी आवाज़ सुनने को हर पल बेक़रार रहता हूँ,

नहीं करूँगा याद तुम्हें मैं खुद से हर बार कहता हूँ,

पलकों को जब-जब आपने झुकाया है,बस एक ही ख्याल दिल में आया है,

कि जिस खुदा ने तुम्हें बनाया है,तुम्हें धरती पर भेजकर वो कैसे जी पाया है।

साहेंब ढूढ़ता था हर जगह पाया पता तेरा नहीं,

अब पता पाया जो तेरा तो पता मेरा नहीं……

मैंने ये कब कहा कि मेरे हक़ में हो जवाब

लेकिन खामोश क्यूँ है तू कोई फैसला तो दे ??

जिन्दगी भर दर्द सहना है सोचता हूँ तो मुस्कुरा देता हूँ,

बातें धुँए सी फैल गई हर तरफ मेरी,खामोशियों की आग दबी ही पडी रही,

यादों का मतलब वो क्या जाने जो खुद ही यादों को मिटाया करते हैं,
यादों का मतलब उनसे पूंछो जो यादों के सहारे जिंदगी बिताया करते हैं।

अक्सर रातों में रोता हूँ में तेरी यादों से लिपट कर,
सब ख़त्म हो गया सिर्फ याद रह गई दिल में सिमट कर।

एक एहसान मुझपे मेरे खुदा करदे,
उसकी यादों को मेरे दिल से जुदा करदे।

पता ही नहीं चलता कब यादों में रात गुजर जाती है यादों का इतना असर है कि हर चेहरा अजनवी लगता है किसी के आने की खबर ही नहीं होती और न किसी के जाने का पता। बहुत कोसिस करने के बाबजूद भी भुला नहीं सकता उन यादों को ऐसा लगता है कि वो जिंदगी का बहुत अहम हिस्सा है दिमाक दिल को बहुत समझाने की कोसिस करता है लेकिन दिल दिमाक की सुनता ही नहीं है लाख कोसिस करने के बाद भी में यादों को दिल से जुदा नहीं कर सका। कभी बहुत परेशान होकर कहीं बहुत दूर चला जाना चाहता हूँ लेकिन इस पूरी कायनात में ऐसी कौन सी जगह है जहाँ यादें पीछा नहीं करेंगीं। ऐसा नहीं है कि यादें बहुत तकलीफ देती हूँ सुकून भी देती है तो कभी रुलाती भी हैं। मेरे बजूद शामिल हैं अगर यादेँ नहीं तो में नहीं ऐसा लगता है कि अगर यादों को रोक दिया तो साँस लेना नामुमकिन है। कुछ इसलिए भी यादों रोका नहीं जा सकता क्यों कि उसकी यादों के सिबाय मेरे पास कुछ भी नहीं है उसकी यादों में रोने से ही तो दिल को सुकून मिलता है। यादों में उसका एहसास है जिसे में महसूस करता हूँ उसकी यादों में वो कसिस है जो मुझे जिन्दा रहने के लिए मजबूर करतीं है जिस पल उसकी याद साथ नहीं होती है ऐसा लगता है जैसे दिल ने धड़कना ही बंद कर दिया हो। लोग जितनी आसानी से कह देते हैं कि भूल जाओ उसे उतना आसान नहीं है भूलना अगर इतना आसान होता तो यादों का कोई मतलब ही नहीं होता। कुछ लोग इसे दिमागी पागलपन कहते हैं मुझे नहीं पता जितना में यादों को जान पाया हूँ इनके बिना जीना सम्भब नहीं है

मेरी आशिकी तुमसे जुदाई ना सह पायेगी,
सपनों की कस्ती मेरे आंशुओं में बाह जाएगी।
में तो फ़ना हो जाऊंगा इस दुनिया से मगर,
मेरी आशिकी तेरी धड़कनो में रह जाएगी।।

उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं,
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,

झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं

ऐ तन्हाई तू अब निकाह कर ले मुझसे…….!!

जब उम्र भर साथ ही रहना है, तो चल जमाने कि ये रस्मे
भी अदा कर लें…!!

वक़्त का ज़ख़्मी तीर,अपने पीछे ख़ाली कमान छोड़ गया है,

वो चंद लम्हों का सैलाब,उम्र भर के निशान छोड़ गया है।

एक बार मोबाइल की रोशनी पर फिसलीं थी ..

तब से किताबों पर लौटी नहीं उंगलियाँ ..

💕ज़िन्दगी का हिसाब हो जाऊँ तेरे ही शहर में लाजवाब हो जाऊँ..!

कोरा-काग़ज़ सही मैं लेकिन तुम पढ़ो तो मोहब्बत की 📖किताब हो जाऊँ !!

मेरी तलब पे तो आसमां भी हैरान है,,

कि मैंने चाँद नही उसका दाग माँगा है।

किसी को बुरा कहने से पहले उसके जूतो में पैर डालकर सौ कदम चल लेना चाहिए…

उसकी मजबूरी का एहसास हो जाएगा

है रूह को समझना भी जरूरी..
महज़ हाथों को थामना..
प्यार नहीं होता..

एक शोर है मुझमें..

जो ख़ामोश बहुत है..

रोज़ खाने बैठता हूँ, तो एक बात सताती है,

ये चार रोटियाँ, कैसे मुझे दिन-रात भगाती हैं..

सुनो…
आज फिर तुम्हारे चहरे में, अपनी सारी कायनात को देखा मैंने……..!!

गुरूर हुआ खुद की तकदीर पे, कि तुम हांसिल हो मुझे….

 

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