हर घर में जन्म ले तेरे जैसा वीर यही इबादत है मेरी।
कर्ज है तेरे लहू की एक एक बूँद का, याद हमेशा रहेगी शहादत तेरी।।

गर्व होता है मुझे कि मैंने इस देश में जन्म लिया जिस देश के सिपाही हर रोज अपनी जान देकर हमारी जान की हिफाजत करते हैं।
धूप, बारिश, सर्दी हर मौसम में अपनी जान की परवाह न करके हाथ में बन्दूक लिए बॉर्डर पर खड़े रहते हैं में सलूट करता हूँ उन तमाम वीर जवानों को जो हमारी हिफाजत के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे रहे
हैं।

दुःख होता है ये जानकर कि इस देश का सिस्टम बहरा हो चुका है जिसे एक बूढी मां के रोने की चीख सुनाई नहीं देती जिसका बेटा भरी जवानी में शहीद हो जाता है।

दुःख होता है ये जानकर कि इस देश के अंधे सिस्टम को उस बिधवा औरत की आँखों में आंशू नजर नहीं आते जिसका सुहाग इस देश की जंग में खुद को झोंक देता है।

सत्ता के भूखे इन लोगों को अपनी राजनीति करने से फुरसत नहीं मिलती इनको उन मासूम बच्चों का दर्द महसूस नहीं होता जिनके सर से बचपन में ही बाप का साया उठ जाता है।

दुश्मन हमारे देख में घुसकर 10-20 जवानों को मार देता है हमारे देश की अंधी बहरी सरकार जवानों को दुश्मन के घर में घुस कर मारने का आर्डर क्यों नहीं देती।

आये दिन जवानों पर बेरहमी से पत्थर मारे जाते हैं उन गद्दारों को गोली मारने का आर्डर क्यों नहीं दिया जाता है, आखिर कब तक ये अत्याचार सहते रहेंगे? अब इन्साफ चाहिए।
कैंडल मार्च निकालने से और 10-20 लोगों का पुतला फूंकने ने से कुछ नहीं होगा इन्साफ चाहिए तो एक साथ मिलकर पूरे देश को अपने जवानों के हित में आवाज बुलंद करनी होगी और अपने जवानों को फुल पावर बनाना होगा तब इन्साफ मिलेगा।

दुश्मन के घर में घुस कर चुन चुन कर मारना होगा उन सारे गद्दारों को जो छुप कर बार करते हैं एक वार उन्हें हिंदुस्तान की ताकत का अंदाजा करना होगा। बताना पड़ेगा दुश्मन को कि हिंदुस्तान से टकराने का अंजाम क्या होता है।

अगर अभी भी चुप रहे तो उन शहीदोँ की आत्मा को सुकून नहीं मिलेगा उस बूढ़ी माँ की चीख कानों में गूंजती रहेगी, उस बिधवा औरत के आंशू सूखेंगे नहीं, उन मासूम बच्चों का दर्द कम नहीं होगा इन सब को इन्सांफ तब मिलेगा जब हम दुश्मन को उसके घर में घुस कर मारेंगे

इतनी आग है सीने में पाकिस्तान कि तुझे जिंदा जला देंगे।
अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो इस दुनियां से तेरा नाम – ओ – निशां मिटा देंगे।।

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