तन्हा है जिंदगी गर्दिश में बसेरा है,
ये कैसी रात है जिसका न कोई सबेरा है !
जला दी सारी हसरतें रोशनी की आरजू में,
मगर मेरी जिंदगी में फिर भी अँधेरा है !!!

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