वो कुछ कहना चाहता था लेकिन ख़ामोशी ने उसे इस कदर जकड़ा हुआ था कि चाहकर भी उसके होंठ कुछ बयां नहीं कर पाए, कुछ टूट सा गया था उसके सीने में दर्द इतना ज्यादा था कि उसकी रूह चीख रही थी लेकिन उसकी आवाज किसी को सुनाई नहीं दे रही थी, उसके वजूद में

मेरे नश़ीब में तू है ये ख़ुशी मुझको है ! मेरी ख़ुशी से न जानें क्यूं जलन तुझको है !! तेरे ग़म को…

सात फेरे लिए थे तुम्हारे आँचल से बंध कभी ….आज उसी अग्नि पे तुमको लिटाकर फेरे ले आया हूँ ….जिस कंधे को खुद का…

अच्छा हुआ कि तू रुखसत हो गया मुझसे, कुछ पल और तू मेरे साथ रहता तो तुझे मुझसे नफरत हो जाती और में ये…

रुखशत || शायद चला गया तू मेरी जिंदगी से या फिर ये सिर्फ मेरा बहम है सच ये है कि तू जा चुका है…

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